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تعبير عن المولد النبوى الشريف - موضوع تعبير عن المولد النبوى الشريف 2018 كامل بالعناصر والافكار

موضوع تعبير عن المولد النبوى الشريف 2018 كامل بالعناصر والافكار

نقدم لكم عبر موقعنا وادى نيوز بمناسبة المولد النبوى الشريف موضوع تعبير عن المولد النبوى الشريف للعام الدراسى الجديد 2017-2018 كامل بالعناصر والافكار للصف السادس الابتدائى والصف الثانى الاعدادى.

4 9 - موضوع تعبير عن المولد النبوى الشريف 2018 كامل بالعناصر والافكار

موضوع تعبير عن المولد النبوى الشريف كامل للعام الدراسى الجديد 2018

موُضوُعٍ تعٍبَيرٍ عٍن آلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ – آلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ هـوُ يوُم موُلُِدِ رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم وُهـوُ يوُآفُقٌ حٍسبَ آلُِمذَهـبَ آلُِسني يوُم 1̣̣̝̇̇2̲̣̣̣̥ من رٍبَيعٍ آلُِأوُلُِ، وُسيوُآفُقٌ هـذَآ آلُِعٍآم 3̍̍̍̊0̲̣̣̥ نوُفُمبَرٍ 2̲̣̣̣̥0̲̣̣̥1̣̣̝̇̇7̣̣̣̝̇̇̇ ميلُِآدِيآً، وُيحٍتفُلُِ من خـلُِآلُِهـ آلُِمسلُِموُن بَميلُِآدِ أشُرٍفُ آلُِخـلُِقٌ، وُآلُِإنشُآدِ فُي مدِحٍ آلُِنبَي، وُفُي هـذَهـ آلُِمقٌآلُِة سنڪتبَ لُِجٍميعٍ طُلُِآبَ مصرٍ موُضوُعٍ تعٍبَيرٍ عٍن ألُِآحٍتفُآلُِ بَآلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ بَآلُِعٍنآصرٍ، وُيفُضلُِ أن يقٌوُم ڪلُِ طُآلُِبَ قٌرٍآءتهـ وُإعٍآدِة صيآغتهـ مرٍة أخـرٍﮯ.

عٍنآصرٍ آلُِموُضوُعٍ
موُلُِدِ آلُِنبَي
ملُِآمحٍ من حٍيآتهـ
ڪيفُية آلُِآحٍتفُآلُِ بَآلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ
يحٍتفُلُِ آلُِمسلُِموُن بَذَڪرٍﮯ ميلُِآدِ سيدِنآ محٍمدِ عٍلُِيهـ آلُِصلُِآة وُآلُِسلُِآم (آلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ) يوُم 1̣̣̝̇̇2̲̣̣̣̥ من رٍبَيعٍ آلُِأوُلُِ ڪلُِ عٍآم، وُهـوُ عٍآم آلُِفُيلُِ آلُِذَي وُآفُقٌ 5̲̣̥7̣̣̣̝̇̇̇0̲̣̣̥ ميلُِآدِيآً، وُقٌدِ توُفُي وُآلُِدِهـ عٍبَدِ آلُِلُِهـ بَن عٍبَدِ آلُِمطُلُِبَ قٌبَلُِ موُلُِدِهـ، لُِتقٌوُم بَترٍبَيتهـ أمهـ آمنة بَنت وُهـبَة آلُِتي فُآرٍقٌت آلُِحٍيآة عٍندِ بَلُِوُغهـ آلُِسآدِسة من عٍمرٍهـ، فُقٌآم جٍدِهـ عٍبَدِ آلُِمطُلُِبَ بَترٍبَيتهـ بَعٍدِ ذَلُِڪ إلُِي توُفُﮯ، فُقٌآم عٍمهـ أبَوُ طُآلُِبَ بَترٍبَيتهـ فُي بَيتهـ معٍ أبَنآئهـ آلُِذَي أعٍتبَرٍهـ أحٍدِهـم، إلُِي أن آصبَحٍ رٍجٍلُِآً وُعٍملُِ بَآلُِتجٍآرٍة وُرٍعٍي آلُِغنم وُتزْوُجٍ من آلُِسيدِة خـدِيجٍة آلُِتي ڪآن يرٍعٍﮯ غنآئهـم نظًرٍآً لُِأمآنتهـ.

فُي آلُِأرٍبَعٍين من عٍمرٍهـ أنزْلُِ آلُِلُِهـ آلُِوُحٍي عٍلُِﮯ سيدِنآ محٍمدِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم وُجٍآهـدِ فُي نشُرٍ آلُِإسلُِآم، آلُِذَي ڪآن فُي آلُِبَدِآية سرٍآً، ثم تم آلُِجٍهـرٍ بَآلُِدِعٍوُة فُيمآ بَعٍدِ، آلُِأمرٍ آلُِذَي لُِم يتقٌبَلُِهـ ڪفُآرٍ قٌرٍيشُ، وُحٍآوُلُِوُآ أذَﮯ رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ، وُآشُتدِ آلُِبَلُِآء عٍلُِﮯ آلُِمسلُِموُن ممآ جٍعٍلُِ رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ يهـآجٍرٍ إلُِي آلُِمدِينة آلُِمنوُرٍة، وُتوُفُي رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ عٍن عٍمرٍ ينآهـزْ آلُِـ 6̥̥̲̣̥3̍̍̍̊ عٍآمآً بَعٍدِ أن أتم دِعٍوُتهـ.

وُهـنآڪ عٍآدِآت وُتقٌآلُِيدِ توُآرٍثتهـآ آلُِأجٍيآلُِ وُحٍآفُظًت عٍلُِيهـآ عٍندِ آلُِآحٍتفُآلُِ بَتلُِڪ آلُِذَڪرٍﮯ، وُيستغلُِ آلُِمسلُِم تلُِڪ آلُِذَڪرٍﮯ لُِقٌرٍآءة آلُِسيرٍة آلُِنبَوُية، وُهـنآڪ طُقٌوُس آحٍتفُآلُِية ڪمدِحٍ آلُِنبَي وُآلُِتجٍمعٍ لُِقٌرٍآءة آلُِقٌرٍآن آلُِڪرٍيم، وُصلُِة آلُِرٍحٍم بَين آلُِأقٌآرٍبَ، ڪمآ هـنآڪ طُقٌوُس تخـتص بَتنآزْلُِ بَعٍض آلُِأطُعٍمة وُحٍلُِوُﮯ آلُِموُلُِدِ، وُيقٌوُم آلُِقٌآدِرٍين بَآلُِتصدِقٌ عٍلُِﮯ آلُِفُقٌرٍآء.

المصدر : نجوم مصرية

1 18 - موضوع تعبير عن المولد النبوى الشريف 2018 كامل بالعناصر والافكار

عٍنآصرٍ موُضوُعٍ تعٍبَيرٍ عٍن آلُِموُلُِدِ آلُِنوُبَي آلُِشُرٍيفُ

مقٌدِمة عٍن موُلُِدِ آلُِرٍسوُلُِ وُآحٍتفُآلُِ آلُِمسلُِموُن بَموُلُِدِ آلُِنبَﮯ.
زْوُآجٍ آمنة وُعٍبَدِ آلُِلُِهـ بَن عٍبَدِ آلُِمطُلُِبَ.
وُلُِآدِة نبَي آلُِلُِهـ محٍمدِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم.
بَيآن حٍڪم آلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ.
عٍآم آلُِفُيلُِ، عٍآم ميلُِآدِ آلُِنبَي.
أقٌوُآلُِ أهـلُِ آلُِعٍلُِم فُي آلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ.
آحٍآدِيث آلُِسمآء وُآلُِآرٍض يوُم موُلُِدِ آلُِرٍسوُلُِ.
وُفُآة وُآلُِدِي آلُِنبَي آلُِشُرٍيفُ.
مقٌدِمة عٍن آلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ

عٍندِ موُلُِدِ آلُِنبَي آلُِشُرٍيفُ محٍمدِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم ڪآنت مڪة معٍ موُعٍدِ معٍ حٍدِث عٍظًيم، ڪآن لُِهـ تأثيرٍ ڪبَيرٍ فُي حٍيآة ڪلُِ آلُِبَشُرٍ، وُذَلُِڪ خـلُِآلُِ 1̣̣̝̇̇4̩̥ قٌرٍنًآ من آلُِزْمآن، وُسوُفُ يظًلُِ نوُرٍة يشُرٍقٌ عٍلُِﮯ آلُِأرٍض إلُِﮯ أن يرٍث آلُِلُِهـ آلُِأرٍض وُمن عٍلُِيهـآ.

حٍيث أن ميلُِآدِ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم يعٍتبَرٍ أهـم حٍدِث فُي آلُِأمة آلُِبَشُرٍية عٍلُِﮯ آلُِإطُلُِآقٌ، منذَ أن خـلُِقٌ آلُِلُِهـ لُِنآ هـذَآ آلُِڪوُن إلُِﮯ أن يرٍث آلُِلُِهـ آلُِأرٍض وُمن عٍلُِيهـآ، وُأيضًآ قٌدِ ڪآن آلُِڪوُن ڪلُِهـ يترٍقٌبَ قٌدِوُم سيدِنآ محٍمدِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم، وُيعٍتبَرٍ هـذَآ آلُِيوُم من أهـم آلُِأعٍيآدِ آلُِتي يحٍتفُلُِ بَهـآ آلُِمسلُِموُن وُلُِآ يعٍتبَرٍ هـذَآ آلُِيوُم عٍيدًِآ، وُإنمآ يعٍتبَرٍ فُرٍحًٍآ لُِقٌدِوُم سيدِ آلُِخـلُِقٌ صلُِوُآت آلُِلُِهـ وُسلُِآمهـ عٍلُِيهـ.

مذَڪرٍة مهـمة :- مذَڪرٍة نحٍوُ شُآملُِة لُِجٍميعٍ آلُِمرٍآحٍلُِ (آسس نفُسڪ)

لُِقٌدِ وُلُِدِ رٍسوُلُِنآ آلُِڪرٍيم فُي آلُِثآني عٍشُرٍ من رٍبَيعٍ آلُِأوُلُِ وُيحٍتفُلُِ آلُِمسلُِموُن بَهـذَآ آلُِيوُم وُذَلُِڪ بَإقٌآمة مجٍآلُِس لُِمدِحٍ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم، وُتوُزْيعٍ آلُِمأڪوُلُِآت وُآلُِمشُرٍوُبَآت، وُتوُزْيعٍ آلُِزْڪآة، وُزْيآرٍة بَيت آلُِرٍسوُلُِ صلُِوُآت آلُِلُِهـ وُسلُِآمهـ عٍلُِيهـ بَآلُِعٍمرٍة.

لُِقٌدِ شُرٍفُ قٌدِوُم آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم فُي 1̣̣̝̇̇2̲̣̣̣̥ من رٍبَيعٍ آلُِأوُلُِ فُي عٍآم آلُِفُيلُِ، وُقٌدِ توُصلُِ آلُِعٍآلُِم آلُِفُلُِڪي “محٍموُدِ بَآشُآ آلُِفُلُِڪي” إلُِﮯ أن نبَينآ صلُِوُآت آلُِلُِهـ وُسلُِآمهـ عٍلُِيهـ قٌدِ وُلُِدِ فُي يوُم أثنين، وُهـذَآ آلُِيوُم وُآفُقٌ 2̲̣̣̣̥0̲̣̣̥ من أبَرٍيلُِ وُذَلُِڪ فُي سنة 5̲̣̥7̣̣̣̝̇̇̇1̣̣̝̇̇ ميلُِآدِيًآ، نسبَة آلُِشُرٍيفُ “أبَوُ آلُِقٌآسم محٍمدِ بَن عٍبَدِ آلُِلُِهـ بَن عٍبَدِ آلُِمطُلُِبَ بَن هـآشُم بَن عٍبَدِ منآفُ بَن قٌصي بَن ڪلُِآبَ بَن مرٍة” وُيمتدِ نسبَ رٍسوُلُِنآ آلُِڪرٍيم إلُِﮯ “إلُِيآس بَن مضرٍ بَن نزْآرٍ بَن معٍدِ بَن عٍدِنآن” وُينتهـي نسبَهـ إلُِﮯ “إسمآعٍيلُِ بَن إبَرٍآهـيم”.

شُآهـدِ أيضآً :- مقٌدِمآت وُخـآتمآت لُِآي موُضوُعٍ تعٍبَيرٍ
زْوُآجٍ أمنهـ وُعٍبَدِ آلُِلُِهـ بَن عٍبَدِ آلُِمطُلُِبَ

بَعٍدِ أن تزْوُجٍ عٍبَدِ بَن عٍبَدِ آلُِمطُلُِبَ من آمنة بَنت وُهـبَ، وُحٍملُِت بَرٍسوُلُِ آلُِلُِهـ صلُِوُآت آلُِلُِهـ وُسلُِآمهـ عٍلُِيهـ قٌآلُِت أنهـ لُِم يصبَهـآ مآ يصيبَ آلُِنسآء من ثقٌلُِ آلُِحٍملُِ، ثم بَعٍدِ ذَلُِڪ أنجٍبَت رٍسوُلُِنآ آلُِڪرٍيم، وُقٌدِ سمعٍت قٌآئلًُِآ يقٌوُلُِ: “وُضعٍت خـيرٍ آلُِبَشُرٍ ، فُعٍوُذَيهـ بَآلُِوُآحٍدِ آلُِصمدِ ، من شُرٍ ڪلُِ بَآغ وُحٍآسدِ” وُقٌدِ قٌآلُِت آمنة: “لُِمآ سقٌطُ إلُِﮯ آلُِأرٍض آتقٌﮯ آلُِأرٍض بَيدِيهـ وُرٍڪبَتيهـ، وُرٍفُعٍ رٍأسهـ إلُِﮯ آلُِسمآء، وُخـرٍجٍ مني نوُرٍ أضآء مآ بَين آلُِسمآء وُآلُِأرٍض”.

قٌدِ يهـمڪ :- موُضوُعٍ تعٍبَيرٍ عٍن آلُِوُطُن
عٍآم ميلُِآدِ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم

لُِقٌدِ وُلُِدِ آلُِرٍسوُلُِ فُي عٍآم آلُِفُيلُِ، هـذَآ آلُِعٍآم آلُِذَي ڪآن يرٍغبَ إبَرٍآهـهـ فُي هـدِم آلُِڪعٍبَة فُأرٍسلُِ آلُِلُِهـ لُِهـ طُيرًٍآ ﴿أَلَُِمْ تَرٍَ ڪَيْفَُ فَُعٍَلَُِ رٍَبَُّڪَ بَِأَصْحٍَآبَِ آلُِْفُِيلُِِ(1̣̣̝̇̇)أَلَُِمْ يَجٍْعٍَلُِْ ڪَيْدَِهـُمْ فُِي تَضْلُِِيلٍُِ(2̲̣̣̣̥)وَُأَرٍْسَلَُِ عٍَلَُِيْهـِمْ طَُيْرًٍآ أَبََآبَِيلَُِ(3̍̍̍̊)تَرٍْمِيهـِمْ بَِحٍِجٍَآرٍَةٍ مِنْ سِجٍِّيلٍُِ(4̩̥)فَُجٍَعٍَلَُِهـُمْ ڪَعٍَصْفٍُ مَأْڪُوُلٍُِ﴾[آلُِفُيلُِ:4̩̥-5̲̣̥].

وُأيضًآ عٍندِ موُلُِدِ آلُِرٍسوُلُِ رٍمت آلُِشُيآطُين بَآلُِنجٍوُم، وُقٌدِ رٍأت قٌرٍيشُ ذَلُِڪ حٍيث رٍأت آلُِشُهـبَ تسيرٍ فُي آلُِسمآء، فُفُزْعٍ آلُِنآس لُِهـذَآ آلُِأمرٍ وُآعٍتقٌدِوُآ أن هـذَآ يوُم آلُِقٌيآمة، (وُآجٍتمعٍوُآ آلُِشُيآطُين إلُِﮯ إبَلُِيس وُأخـبَرٍوُهـ أنهـم قٌدِ منعٍوُآ من آلُِسمآء، وُرٍمينآ أيضًآ بَآلُِشُهـبَ فُقٌآلُِ: آطُلُِبَوُآ، فُإن أمرٍآ قٌدِ حٍدِث، فُجٍآلُِوُآ فُي آلُِدِنيآ وُرٍجٍعٍوُآ فُقٌآلُِوُآ: لُِم نرٍ شُيئآ، فُقٌآلُِ: أنآ لُِهـذَآ، فُخـرٍقٌ مآ بَين آلُِمشُرٍقٌ وُآلُِمغرٍبَ فُآنتهـﮯ إلُِﮯ آلُِحٍرٍم فُوُجٍدِ آلُِحٍرٍم محٍفُوُفُآ بَآلُِملُِآئڪة، فُلُِمآ أرٍآدِ أن يدِخـلُِ صآحٍ بَهـ جٍبَرٍآئيلُِ فُقٌآلُِ: آخـسأ يآ ملُِعٍوُن، فُجٍآء من قٌبَلُِ حٍرٍآء، فُصآرٍ مثلُِ آلُِصرٍ قٌآلُِ : يآ جٍبَرٍآئيلُِ مآ هـذَآ؟ قٌآلُِ: هـذَآ نبَي قٌدِ وُلُِدِ وُهـوُ خـيرٍ آلُِأنبَيآء، قٌآلُِ : هـلُِ لُِي فُيهـ نصيبَ؟ قٌآلُِ: لُِآ، قٌآلُِ : فُفُي أمتهـ؟ قٌآلُِ: نعٍم، قٌآلُِ: قٌدِ رٍضيت).

وُڪآن فُي مڪة يهـوُدِي ڪآن أسمهـ “يوُسفُ” فُقٌدِ ذَڪرٍ أن فُي هـذَهـ آلُِلُِيلُِة سوُفُ يوُلُِدِ نبَي، فُقٌآلُِ لُِهـ أهـلُِ مڪة: لُِقٌدِ وُلُِدِ موُلُِوُدِ فُي هـذَهـ آلُِلُِيلُِة وُهـوُ “محٍمدِ بَن عٍبَطُ آلُِمطُلُِبَ” فُقٌآلُِ لُِهـم آلُِيهـوُدِي إن هـذَهـ آلُِلُِيلُِة سوُفُ يوُلُِدِ رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ آلُِذَي ذَڪرٍ فُي آلُِڪتآبَ (فُأخـذَوُهـ وُمشُوُآ إلُِﮯ بَآبَ آمنة، فُقٌآلُِوُآ: آخـرٍجٍي آبَنڪ ينظًرٍ إلُِيهـ هـذَآ آلُِيهـوُدِي، فُأخـرٍجٍتهـ فُي قٌمآطُهـ فُنظًرٍ فُي عٍينيهـ، وُڪشُفُ عٍن ڪتفُيهـ، فُرٍأﮯ شُآمة سوُدِآء بَين ڪتفُيهـ، عٍلُِيهـآ شُعٍرٍآت، فُلُِمآ نظًرٍ إلُِيهـ وُقٌعٍ إلُِﮯ آلُِأرٍض مغشُيآ عٍلُِيهـ، فُتعٍجٍبَت منهـ قٌرٍيشُ وُ ضحٍڪوُآ، فُقٌآلُِ: أتضحٍڪوُن يآ معٍشُرٍ قٌرٍيشُ، هـذَآ نبَي آلُِسيفُ لُِيبَرٍينڪم، وُقٌدِ ذَهـبَت آلُِنبَوُة من بَني إسرٍآئيلُِ إلُِﮯ آخـرٍ آلُِأبَدِ).
وُفُآة وُآلُِدِي آلُِنبَي آلُِشُرٍيفُ

لُِقٌدِ توُفُي وُآلُِدِ سيدِنآ محٍمدِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم قٌبَلُِ موُلُِدِهـ، وُقٌدِ توُفُي فُي آلُِمدِينة عٍندِ أخـوُآلُِ أبَيهـ “بَني آلُِنجٍآرٍ” وُڪآن فُي آلُِخـآمسة وُآلُِعٍشُرٍين من عٍمرٍهـ، وُعٍلُِﮯ آلُِعٍآدِآت آلُِتي ڪآن يتبَعٍهـآ آلُِعٍرٍبَ فُقٌدِ أرٍسلُِهـ جٍدِهـ لُِڪي يرٍضعٍ فُي بَني سعٍدِ، وُڪآنت مرٍضعٍتهـ “حٍلُِيمة بَنت أبَي ذَؤيبَ آلُِسعٍدِي” وُظًلُِ مقٌيمًآ فُي بَني آلُِسعٍدِي، وُأضآفُ لُِهـم آلُِبَرٍڪة فُي أموُآلُِهـم وُفُي رٍزْقٌهـم إلُِﮯ أن حٍدِث موُقٌفُ شُقٌ آلُِصدِرٍ، فُرٍدِوُهـ إلُِﮯ جٍدِهـ وُڪآن فُي آلُِخـآمسة عٍشُرٍ من عٍمرٍهـ.

وُتوُفُيت أمهـ آمنهـ فُي “آلُِأبَوُآء” بَين “مڪة” وُ “آلُِمدِينة” وُڪآنت فُي آلُِثلُِآثين من عٍمرٍهـآ، وُحٍين ذَلُِڪ ڪآن سيدِنآ محٍمدِ قٌدِ تجٍآوُزْ آلُِسنة آلُِسآدِسة، وُهـذَآ آلُِأمرٍ جٍعٍلُِهـ يشُفُقٌ ڪثيرًٍآ عٍلُِﮯ آلُِيتآمﮯ وُيحٍنوُ عٍلُِيهـم، وُيدِعٍوُآ إلُِﮯ ڪفُآلُِتهـم وُآلُِعٍنآية بَهـم.
وُفُآة آلُِنبَي آلُِشُرٍيفُ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم

وُلُِقٌدِ تزْوُجٍ نبَينآ آلُِسيدِة “خـدِيجٍة بَنت خـوُيلُِدِ” وُڪآن قٌدِ بَلُِغ آلُِخـآمسة وُآلُِعٍشُرٍوُن من عٍمرٍهـ، وُذَلُِڪ قٌبَلُِ أن يبَعٍث فُأنجٍبَت لُِهـ “آلُِقٌآسم، وُرٍقٌيهـ، وُزْينبَ، وُأم ڪلُِثوُم” هـؤلُِآء أنجٍبَتهـم قٌبَلُِ آلُِبَعٍثة، أمآ بَعٍدِ آلُِبَعٍثة فُقٌدِ أنجٍبَت “عٍبَدِ آلُِلُِهـ”.

وُقٌدِ ڪآنت بَعٍثة آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم عٍندِمآ بَلُِغ من آلُِعٍمرٍ أرٍبَعٍين سنة، وُقٌدِ ڪآنت آلُِسيدِة خـدِيجٍة هـي أوُلُِ من آمن بَهـ من آلُِسيدِآت، أمآ أوُلُِ من آمن بَهـ من آلُِرٍجٍآلُِ فُڪآن “أبَوُ بَڪرٍ آلُِصدِيقٌ”، أمآ أوُلُِ من آمن بَهـ من آلُِصبَيآن فُڪآن “عٍلُِيَّ بَن أبَي طُآلُِبَ”، وُبَقٌي آلُِنبَي صلُِوُآت آلُِلُِهـ وُسلُِآمهـ عٍلُِيهـ ثلُِآث سنوُآت فُي مڪة وُهـوُ يڪتم أمرٍهـ وُيدِعٍوُ آلُِنآس فُي آلُِسرٍ إلُِﮯ آلُِإسلُِآم، وُفُي هـذَهـ آلُِفُترٍة أمن بَهـ عٍدِدِ قٌلُِيلُِ من آلُِنآس، فُلُِمآ أمرٍ بَإبَلُِآغ آلُِدِعٍوُة جٍهـرًٍآ فُقٌآمت قٌرٍيشُ بَإزْآئهـ هـوُ وُأصحٍآبَهـ، وُظًلُِ يعٍآنوُن من ألُِوُآن آلُِعٍذَآبَ آلُِتي ذَآقٌوُهـآ إلُِﮯ أن هـآجٍرٍوُآ من مڪة إلُِﮯ آلُِمدِينة، وُمرٍت آلُِعٍآم ثم عٍآدِ آلُِرٍسوُلُِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم إلُِﮯ مڪة فُآتحًٍآ فُي آلُِعٍآم آلُِعٍآشُرٍ من آلُِهـجٍرٍة وُقٌدِ نصرٍهـم آلُِلُِهـ بَعٍدِ أن خـرٍجٍوُآ مضطُهـدِين وُأظًهـرٍ آلُِلُِهـ دِينهـ وُأعٍوُزْ نبَيهـ.

وُفُي آلُِعٍآم آلُِذَي يلُِيهـ توُفُي آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم وُڪآن ذَلُِڪ موُآفُقٌ 1̣̣̝̇̇2̲̣̣̣̥ من رٍبَيعٍ آلُِأوُلُِ 1̣̣̝̇̇1̣̣̝̇̇ هـجٍرٍيًآ، وُڪآن قٌدِ بَلُِغ من آلُِعٍمرٍ 6̥̥̲̣̥3̍̍̍̊ عٍآمًآ.
محٍآضرٍة آلُِشُيخـ آلُِشُعٍرٍآوُي عٍن آلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ

يمڪنڪ آستخـلُِآص مآ تسمعٍوُنهـ من هـذَهـ آلُِمحٍآضرٍة لُِفُضيلُِة آلُِشُيخـ آلُِشُعٍرٍآوُي ثم تڪتبَوُنهـ فُي موُضوُعٍڪم

خـآتمة عٍن موُضوُعٍ تعٍبَيرٍ لُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ

لُِقٌدِ وُفُقٌنآ آلُِلُِهـ فُي آلُِحٍدِيث عٍن أهـم يوُم فُي تآرٍيخـ آلُِبَشُرٍية، وُهـوُ يوُم وُلُِآدِة نبَينآ آلُِڪرٍيم عٍلُِيهـ أفُضلُِ آلُِصلُِآة وُآلُِسلُِآم، وُذَڪرٍنآ نشُرٍهـ لُِلُِرٍسآلُِة، وُقٌدِ تحٍدِثنآ عٍن وُفُآة سيدِ آلُِأنبَيآء صلُِوُآت آلُِلُِهـ وُسلُِآمهـ عٍلُِيهـ.

المصدر : موقع ملزمتى

2 15 - موضوع تعبير عن المولد النبوى الشريف 2018 كامل بالعناصر والافكار

عٍنآصرٍ موُضوُعٍ آلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُﮯ آلُِشُرٍيفُ :-

1̣̣̝̇̇- مقٌدِمة آلُِموُضوُعٍ.
2̲̣̣̣̥- زْوُآجٍ آمنة وُعٍبَدِ آلُِلُِهـ بَن آلُِمطُلُِبَ.
3̍̍̍̊- عٍآم ميلُِآدِ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم.
4̩̥- نزْوُلُِ آلُِوُحٍي عٍلُِﮯ آلُِرٍسوُلُِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم.
5̲̣̥- وُفُآة وُآلُِدِي آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم.
6̥̥̲̣̥- وُفُآة آلُِنبَي آلُِشُرٍيفُ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم.
7̣̣̣̝̇̇̇. خـآتمة آلُِموُضوُعٍ.

مقٌدِمة موُضوُعٍ آلُِموُلُِدِ آلُِنبَوُي آلُِشُرٍيفُ :-

عٍندِمآ وُلُِدِ رٍسوُلُِنآ آلُِڪرٍيم صلُِوُآت آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ ڪآنت مڪة فُي آنتظًآرٍ حٍدِث جٍدِيدِ، وُهـذَآ آلُِحٍدِث ڪآن لُِهـ تأثيرٍ بَآلُِغ فُي حٍيآة جٍميعٍ آلُِنآس، وُسيظًلُِ نوُرٍ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم يشُرٍقٌ فُي آلُِأرٍض وُيضيء آلُِقٌلُِوُبَ إلُِﮯ أن تقٌوُم آلُِسآعٍة، حٍيث أن موُلُِوُدِ آلُِرٍسوُلُِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم هـوُ أهـم حٍدِث عٍلُِﮯ هـذَهـ آلُِأرٍض منذَ أن خـلُِقٌهـآ آلُِلُِهـ إلُِﮯ أن يرٍثهـآ تبَآرٍڪ وُتعٍآلُِﮯ، وُيحٍتفُلُِ آلُِمسلُِموُن ڪلُِ عٍآم بَهـذَآ آلُِيوُم لُِقٌدِوُم سيدِنآ محٍمدِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم بَهـ.

لُِقٌدِ وُلُِدِ رٍسوُلُِنآ آلُِڪرٍيم صلُِوُآت آلُِلُِهـ وُسلُِآمهـ عٍلُِيهـ فُي آلُِثآني عٍشُرٍ من رٍبَيعٍ آلُِأوُلُِ وُهـوُ عٍآم آلُِفُيلُِ، وُيڪوُن من ضمن آلُِآحٍتفُآلُِ فُي هـذَآ آلُِيوُم هـوُ أن يقٌيم آلُِمسلُِموُن جٍلُِسآت لُِمحٍ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم وُتوُزْيعٍ آلُِزْڪآة، إضآفُةً إلُِﮯ توُزْيعٍ آلُِأڪلُِ وُآلُِشُرٍبَ عٍلُِﮯ آلُِمسلُِمين، وُيذَهـبَ آلُِمقٌتدِرٍ إلُِﮯ زْيآدِة بَيت رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم وُقٌضآء آلُِعٍمرٍة.

زْوُآجٍ آمنة وُعٍبَدِ آلُِلُِهـ بَن آلُِمطُلُِبَ :-

بَعٍدِ زْوُآجٍ عٍبَدِ آلُِلُِهـ بَن آلُِمطُلُِبَ من أمنة بَنت وُهـبَ حٍملُِت فُي رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم، وُقٌدِ ذَڪرٍت آمنة بَن وُهـبَ أنهـآ خـلُِآلُِ آلُِحٍملُِ لُِم يصيبَهـآ مآ يصيبَ آلُِنسآء آلُِحٍوُآملُِ من ألُِم آلُِحٍملُِ وُغيرٍة من آلُِأعٍرٍآض آلُِتي تظًهـرٍ عٍلُِﮯ آلُِحٍآملُِ، وُأيضًآ عٍندِ آلُِوُلُِآدِة لُِم تتألُِم وُلُِم يصيبَ ثقٌلُِ آلُِوُلُِآدِة، وُبَعٍدِ أن وُضعٍت رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم قٌدِ سمعٍت شُخـصًآ مآ يقٌوُلُِ لُِهـآ: “وُضعٍت خـيرٍ آلُِبَشُرٍ، فُعٍوُذَيهـ بَآلُِوُآحٍدِ آلُِصمدِ، من شُرٍ ڪلُِ بَآغٍ وُحٍسدِ”، ڪمآ قٌآلُِت آمنة بَنت وُهـبَ: “لُِمآ سقٌطُ إلُِﮯ آلُِأرٍض آتقٌﮯ آلُِأرٍض بَيدِيهـ وُرٍڪبَتيهـ، وُرٍفُعٍ رٍأسهـ إلُِﮯ آلُِسمآء، وُخـرٍجٍ مني نوُرٍ أضآء مآ بَين آلُِسمآء وُآلُِأرٍض”.

عٍآم ميلُِآدِ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم :-

لُِقٌدِ وُلُِدِ رٍسوُلُِنآ آلُِڪرٍيم صلُِوُآت آلُِلُِهـ تعٍآلُِﮯ عٍلُِيهـ فُي عٍآم آلُِفُيلُِ، هـذَآ آلُِعٍآم آلُِذَي ڪآن يرٍغبَ أبَرٍهـة فُي هـدِم آلُِڪعٍبَة بَهـ عٍندِمآ أحٍضرٍ آلُِفُيلُِة لُِڪي تقٌوُم بَهـدِم آلُِڪعٍبَة، وُأرٍسلُِ لُِهـ آلُِلُِهـ جٍلَُِّ وُعٍلُِآ طُيرًٍآ وُقٌدِ جٍآء فُي ڪتآبَ آلُِلُِهـ تبَآرٍڪ وُتعٍآلُِﮯ: ﴿أَلَُِمْ تَرٍَ ڪَيْفَُ فَُعٍَلَُِ رٍَبَُّڪَ بَِأَصْحٍَآبَِ آلُِْفُِيلُِِ(1̣̣̝̇̇)أَلَُِمْ يَجٍْعٍَلُِْ ڪَيْدَِهـُمْ فُِي تَضْلُِِيلٍُِ(2̲̣̣̣̥)وَُأَرٍْسَلَُِ عٍَلَُِيْهـِمْ طَُيْرًٍآ أَبََآبَِيلَُِ(3̍̍̍̊)تَرٍْمِيهـِمْ بَِحٍِجٍَآرٍَةٍ مِنْ سِجٍِّيلٍُِ(4̩̥)فَُجٍَعٍَلَُِهـُمْ ڪَعٍَصْفٍُ مَأْڪُوُلٍُِ﴾[آلُِفُيلُِ:4̩̥-5̲̣̥].

وُعٍندِ موُلُِدِ آلُِرٍسوُلُِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم رٍميت آلُِشُيآطُين فُي آلُِسمآء بَآلُِنجٍوُم، وُفُزْعٍت قٌرٍيشُ عٍندِ رٍؤية هـذَآ آلُِمنظًرٍ وُڪآن يعٍتقٌدِوُن أنهـ يوُم آلُِقٌيآمة، وُجٍمعٍ إبَلُِيس آلُِشُيآطُين وُسألُِهـم عٍن مآ يحٍدِث فُأخـبَرٍوُهـ أنهـم رٍموُآ بَآلُِشُهـبَ وُأنهـم منعٍوُآ من آلُِصعٍوُدِ إلُِﮯ آلُِسمآء، فُطُلُِبَ منهـم أن يسيرٍوُآ فُي آلُِدِنيآ وُيعٍرٍفُوُآ مآ آلُِذَي حٍدِث، ثم عٍآدِوُآ وُلُِم يتوُصلُِوُآ إلُِﮯ شُيء، فُقٌآلُِوُآ: لُِم نرٍ شُيئآ، فُقٌآلُِ: أنآ لُِهـذَآ، فُخـرٍقٌ مآ بَين آلُِمشُرٍقٌ وُآلُِمغرٍبَ فُآنتهـﮯ إلُِﮯ آلُِحٍرٍم فُوُجٍدِ آلُِحٍرٍم محٍفُوُفُآ بَآلُِملُِآئڪة، فُلُِمآ أرٍآدِ أن يدِخـلُِ صآحٍ بَهـ جٍبَرٍآئيلُِ فُقٌآلُِ: آخـسأ يآ ملُِعٍوُن، فُجٍآء من قٌبَلُِ حٍرٍآء، فُصآرٍ مثلُِ آلُِصرٍ قٌآلُِ: يآ جٍبَرٍآئيلُِ مآ هـذَآ؟ قٌآلُِ: هـذَآ نبَي قٌدِ وُلُِدِ وُهـوُ خـيرٍ آلُِأنبَيآء، قٌآلُِ: هـلُِ لُِي فُيهـ نصيبَ؟ قٌآلُِ: لُِآ، قٌآلُِ: فُفُي أمتهـ؟ قٌآلُِ: نعٍم، قٌآلُِ: قٌدِ رٍضيت.

وُقٌدِ ذَڪرٍ آلُِيهـوُدِي يوُسفُ أن فُي هـذَآ آلُِيوُم سوُفُ يوُلُِدِ آلُِنبَي آلُِمنتظًرٍ، فُقٌآلُِ لُِهـ أهـلُِ مڪة أنهـ وُلُِدِ محٍمدِ بَن عٍبَدِ آلُِمطُلُِبَ فُي هـذَآ آلُِيوُم، فُذَهـبَوُآ معًٍآ إلُِﮯ بَآبَ آمنة فُقٌآلُِوُآ لُِهـآ أخـرٍجٍي أبَنڪ لُِڪي يرٍآهـ، فُڪشُفُ آلُِيهـوُدِي عٍلُِﮯ ڪتفُ محٍمدِ بَن عٍبَدِ آلُِمطُلُِبَ فُرٍأﮯ شُآمة عٍلُِﮯ ڪتفُة وُلُِمآ رٍآئهـآ سقٌطُ عٍلُِﮯ آلُِأرٍض، فُضحٍڪت عٍلُِيهـ قٌرٍيشُ فُقٌآلُِ لُِهـم: أتضحٍڪوُن يآ معٍشُرٍ قٌرٍيشُ، هـذَآ نبَي آلُِسيفُ لُِيبَرٍينڪم، وُقٌدِ ذَهـبَت آلُِنبَوُة من بَني إسرٍآئيلُِ إلُِﮯ آخـرٍ آلُِأبَدِ.

نزْوُلُِ آلُِوُحٍي عٍلُِﮯ آلُِرٍسوُلُِ آلُِشُرٍيفُ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم :-

لُِقٌدِ نزْلُِ آلُِوُحٍي عٍلُِﮯ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم فُي جٍبَلُِ آلُِنوُرٍ، هـذَآ آلُِجٍبَلُِ آلُِذَي ڪآن يقٌعٍ فُي مڪة آلُِمڪرٍمة، وُڪآن جٍبَلُِ عٍآلُِي يستغرٍقٌ أڪثرٍ من نصفُ سآعٍة لُِلُِصعٍوُدِ عٍلُِيهـ، وُيوُجٍدِ فُي شُمآلُِ هـذَآ آلُِجٍبَلُِ غآرٍ، هـذَآ آلُِغآرٍ يحٍڪي قٌصة رٍجٍلُِ ڪآن دِآئمًآ يترٍدِدِ إلُِيهـ وُيقٌضي بَهـ آلُِسآعٍآت وُآلُِأيآم وُآلُِأشُهـرٍ يتعٍبَدِ إلُِﮯ آلُِلُِهـ تبَآرٍڪ وُتعٍآلُِﮯ بَهـ.

وُفُي هـذَآ آلُِوُقٌت ڪآن يفُڪرٍ نبَينآ محٍمدِ فُي نوُرٍ آلُِسموُآت وُآلُِأرٍض وُيفُڪرٍ فُي خـآلُِقٌهـم، وُڪآن يفُڪرٍ فُي آلُِمسئوُلُِية آلُِتي سوُفُ يتحٍملُِهـآ، وُأمرٍ آلُِلُِهـ تبَآرٍڪ وُتعٍآلُِﮯ سيدِنآ جٍبَرٍيلُِ أن ينزْلُِ إلُِﮯ آلُِرٍسوُلُِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم وُهـوُ فُي آلُِغآرٍ لُِڪي يقٌرٍأ عٍلُِيهـ آيآت قٌرٍآنيهـ، فُنزْلُِ عٍلُِيهـ جٍبَرٍيلُِ وُقٌآلُِ لُِهـ: يآ محٍمّدِ آقٌرٍأ، قٌآلُِ: وُمآ أنآ بَقٌآرٍئ؟ قٌآلُِ: يآ محٍمّدِ ﴿آقٌْرٍَأْ بَِآسْمِ رٍَبَِّڪَ آلَُِّذَِي خـَلَُِقٌَ(1̣̣̝̇̇)خـَلَُِقٌَ آلُِإِنسَآنَ مِنْ عٍَلَُِقٌٍ(2̲̣̣̣̥)آقٌْرٍَأْ وَُرٍَبَُّڪَ آلُِأَڪْرٍَمُ(3̍̍̍̊)آلَُِّذَِي عٍَلَُِّمَ بَِآلُِْقٌَلَُِمِ(4̩̥)عٍَلَُِّمَ آلُِإِنسَآنَ مَآ لَُِمْ يَعٍْلَُِمْ﴾[آلُِعٍلُِقٌ:4̩̥/5̲̣̥] ثم قٌآلُِ لُِهـ: يآ محٍمدِ أنت رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ تبَآرٍڪ وُتعٍآلُِﮯ وُأنآ جٍبَرٍيلُِ فُأضطُرٍبَ رٍسوُلُِ آلُِلُِهـ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم عٍندِ سمآعٍ هـذَآ وُشُعٍرٍ بَمدِﮯ آلُِمسئوُلُِية آلُِتي نزْلُِت عٍلُِﮯ عٍآتقٌة، فُخـرٍجٍ من آلُِغآرٍ وُهـوُ مضطُرٍبَ وُذَهـبَ إلُِﮯ بَيت آلُِسيدِة خـدِيجٍة وُحٍڪي لُِهـآ ڪلُِ مآ حٍدِث معٍهـ، وُنآم عٍندِهـآ، وُبَعٍدِ ذَلُِڪ بَدِأ يدِعٍوُآ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم آلُِنآس إلُِﮯ آلُِآستجٍآبَة لُِلُِدِين فُي آلُِسرٍ.

وُفُآة وُآلُِدِ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم :-

لُِقٌدِ توُفُي عٍبَدِ آلُِلُِهـ بَن آلُِمطُلُِبَ قٌبَلُِ موُلُِدِ آلُِرٍسوُلُِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم وُڪآن فُي آلُِخـآمسة وُآلُِعٍشُرٍين وُتوُفُي وُهـوُ عٍندِ أخـوُآلُِ وُآلُِدِهـ فُي آلُِمدِينة، ثم بَعٍدِ ذَلُِڪ قٌآم جٍدِهـ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم بَإرٍسآلُِهـ حٍتﮯ يرٍضعٍ من بَني سعٍدِ، وُڪآن مرٍضعٍة آلُِنبَي هـي حٍلُِيمة بَنت أبَي ذَؤيبَ آلُِسعٍدِي، وُبَقٌﮯ عٍندِ بَني سعٍدِ إلُِﮯ أن حٍدِث موُقٌفُ شُقٌ صدِرٍهـ، وُڪآن وُجٍوُدِة لُِدِيهـم أضآفُ لُِدِيهـم آلُِبَرٍڪة فُي حٍيآتهـم، ثم بَعٍدِ ذَلُِڪ أرٍسوُلُِهـ إلُِﮯ جٍدِهـ وُقٌدِ ڪآن فُي سن آلُِخـآمسة عٍشُرٍ، وُقٌدِ توُفُيت أمة وُلُِم يڪن قٌدِ تجٍآوُزْ ست سنوُآت بَعٍدِ، هـذَآ آلُِأمرٍ آلُِذَي يجٍعٍلُِ آلُِرٍسوُلُِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم يشُفُقٌ ڪثيرًٍآ عٍلُِﮯ آلُِيتآمﮯ وُيدِعٍوُآ آلُِنآس إلُِﮯ مسآعٍدِتهـم وُآلُِآهـتمآم بَهـم وُڪفُآلُِتهـم.

وُفُآة آلُِنبَي آلُِشُرٍيفُ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم :-

عٍندِمآ نزْلُِت آلُِرٍسآلُِة عٍلُِﮯ آلُِرٍسوُلُِ صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِڪ ڪآنت فُي آلُِأرٍبَعٍين من عٍمرٍة، وُقٌدِ أمنت بَهـ آلُِسيدِة خـدِيجٍة وُڪآنت هـي أوُلُِ من آمنت من آلُِنسآء، ڪمآ ڪآن أبَوُ بَڪرٍ آلُِصدِيقٌ رٍضي آلُِلُِهـ عٍنهـ هـوُ أوُلُِ من آمن من آلُِرٍجٍآلُِ، وُعٍلُِي بَن أبَي طُآلُِبَ هـوُ أوُلُِ من أمن من آلُِصبَيآن.
وُدِعٍآ آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم فُي آلُِسرٍ لُِمدِة ثلُِآث سنوُآت وُهـوُ فُي مڪة وُآمن بَهـ آلُِقٌلُِيلُِ من آلُِنآس، وُبَعٍدِ ذَلُِڪ أمرٍ بَأن يدِعٍوُ جٍهـرًٍآ فُقٌآمت قٌرٍيشُ بَإزْآئهـ هـوُ وُأصحٍآبَهـ وُبَعٍدِ ذَلُِڪ هـآجٍرٍ آلُِرٍسوُلُِ إلُِﮯ آلُِمدِينة، ثم عٍآدِ إلُِﮯ مڪة وُفُتحٍة وُرٍفُعٍ رٍآية آلُِإسلُِآم فُي آلُِعٍآم آلُِعٍآشُرٍ هـجٍرٍيًآ، أمآ فُي آلُِعٍآم آلُِحٍآدِي عٍشُرٍ قٌدِ توُفُي آلُِنبَي صلُِﮯ آلُِلُِهـ عٍلُِيهـ وُسلُِم وُڪآن هـذَآ بَآلُِتحٍدِيدِ فُي 1̣̣̝̇̇2̲̣̣̣̥ فُي رٍبَيعٍ آلُِأوُلُِ فُي آلُِسنة 1̣̣̝̇̇1̣̣̝̇̇ هـجٍرٍيًآ، وُڪآن نبَينآ آلُِڪرٍيم يبَلُِغ من آلُِعٍمرٍ 6̥̥̲̣̥3̍̍̍̊ عٍآمًآ.

المصدر : موقع يلا نذاكر

3 10 - موضوع تعبير عن المولد النبوى الشريف 2018 كامل بالعناصر والافكار

5 7 - موضوع تعبير عن المولد النبوى الشريف 2018 كامل بالعناصر والافكار

الموضوع منقول للافادة مع ذكر المصدر

بالتوفيق للجميع ان شاء الله

عن mahmoud

mahmoud
مدون مصرى من مواليد عام 1993 اهتم بمجالات الاخبار المصرية و العربية و التعليم

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